बता दें याचिका में श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janamsthan) के 13.37 एकड़ के स्वामित्व और शाही ईदगाह के निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं.

मथुरा. उत्तर प्रदेश में कान्हा की नगरी मथुरा (Mathura) के श्रीकृष्ण जन्मस्थान (Shri Krishna Janamsthan) परिसर से शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Masjid) के कब्जे से 13.37 एकड़ जमीन को श्रीकृष्ण विराजमान को सौंपने की याचिका शुक्रवार को जिला जज की कोर्ट ने स्वीकार कर ली है. अब इस याचिका पर 18 नवंबर को सुनवाई होगी. याचिका में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप बने ईदगाह को हटाने की मांग की गई है. जिला न्यायालय में मुकदमा चलेगा.

श्री कृष्ण जन्म स्थान मामले में श्री कृष्ण विराजमान व रंजना अग्निहोत्री समेत आठ लोगों की ओर से जिला जज की अदालत में दायर की गई अपील के मामले में विपक्षियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. पिछले दिनों सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच 1968 में हुए समझौते को रद कर मस्जिद को हटाने तथा सारी जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपने की मांग की गई थी.

इससे पहले 30 सितंबर को सुनवाई के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ये कहकर दावा खारिज कर दिया था कि भक्तों को दावा दायर करने का अधिकार नहीं है. आज इसी मामले में जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई थी. सुनवाई के बाद अपील स्‍वीकार कर ली गई है. वादी के अधिवक्‍ता विष्‍णु शंकर जैन ने कहा कि उनका दावा मजबूत है.

राजनीतिक मुद्दा न बनाने की मांग

बता दें याचिका में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 13.37 एकड़ के स्वामित्व और शाही ईदगाह के निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन इससे पहले हिंदूवादी संगठन और साधु-संतों ने भी इस मामले को वृहद आंदोलन में तब्दील करने और मथुरा के साथ काशी को भी मालिकाना हक देने की मांग कर दी है. इस संबंध में काशी विद्वत परिषद के पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी नागेंद्र महाराज के यहां एक बैठक सम्पन्न हुई. जिसमें महामंडलेश्वर व धर्मगुरुओं ने भाग लिया और सभी ने एक मत से सामाजिक सहमति व राम जन्मभूमि आंदोलन को आधार मानते हुए मामले का पटाक्षेप करने और इस मामले को राजनीतिक मुद्दा न बनाने की मांग की.